दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए ‘श्री हनुमान अंश’ फिल्म का विशेष आयोजन

दिव्य ज्योति ब्लाइंड गर्ल्स स्कूल, जयपुर में छात्राओं के लिए शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, आस्था और मनोरंजन से जुड़े अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाते हैं। इसी क्रम में दृष्टिबाधित कन्या शिक्षण संस्थान एवं पुनर्वास केंद्र की छात्राओं के लिए ‘श्री हनुमान अंश’ फिल्म का विशेष प्रदर्शन आयोजित किया गया।

आस्था और खुशी से भरा रहा आयोजन

संस्थापिका रेनू शर्मा की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने भगवान हनुमान से जुड़ी फिल्म का आनंद लिया। भगवान हनुमान के प्रति बच्चों की गहरी आस्था को ध्यान में रखते हुए इस विशेष आयोजन ने छात्राओं के बीच उत्साह और खुशी का वातावरण बनाया।

फिल्म प्रदर्शन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं था, बल्कि छात्राओं के लिए अपनी धार्मिक आस्था, भावनाओं और सामूहिक अनुभवों को साझा करने का एक सुंदर अवसर भी बना। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

सहयोग के लिए आभार

इस नेक पहल को सफल बनाने में थानाधिकारी अनिल कुमार टेलर और दीपक खंडेलवाल का विशेष सहयोग रहा। संस्था परिवार की ओर से सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया, जिनके सहयोग से छात्राओं के लिए यह यादगार अनुभव संभव हो सका।

रोशनी आंखों में ही नहीं, सपनों में भी होती है

दृष्टिबाधिता जीवन में कुछ चुनौतियां जरूर ला सकती है, लेकिन यह किसी व्यक्ति की आस्था, आत्मविश्वास, सपनों और आगे बढ़ने की इच्छा को सीमित नहीं कर सकती। दिव्य ज्योति ब्लाइंड गर्ल्स स्कूल का उद्देश्य भी छात्राओं को ऐसा वातावरण प्रदान करना है, जहां वे शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और जीवन के विविध अनुभवों से जुड़ सकें।

‘श्री हनुमान अंश’ फिल्म का यह आयोजन इसी भावना का एक सुंदर उदाहरण रहा—जहां छात्राओं ने मिलकर खुशी बांटी, अपनी आस्था को महसूस किया और एक यादगार अनुभव अपने साथ संजोया।

दिव्य ज्योति ब्लाइंड गर्ल्स स्कूल ऐसी प्रत्येक पहल के लिए प्रतिबद्ध है, जो दृष्टिबाधित बालिकाओं के जीवन में ज्ञान, आत्मविश्वास, खुशी और नए अनुभवों की रोशनी लेकर आए।

आइए, साथ मिलकर रोशन करें सपनों की दुनिया

आपका सहयोग दृष्टिबाधित बालिकाओं की शिक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता की यात्रा को और मजबूत बना सकता है। संस्था की गतिविधियों और सहयोग के अवसरों के बारे में अधिक जानकारी के लिए divyajyotiblindgirlsschool.org पर जुड़ें।