दृष्टिबाधित कन्या शिक्षण संस्थान एवं पुनर्वास केंद्र में रक्षाबंधन का हर्षोल्लास

जयपुर | दिव्य ज्योति सेवा संस्थान

जयपुर के जगतपुरा स्थित दिव्य ज्योति दृष्टिबाधित कन्या शिक्षण संस्थान एवं पुनर्वास केंद्र में रक्षाबंधन का पर्व उत्साह, आत्मीयता और उमंग के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में दृष्टिबाधित बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा और भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति प्रस्तुत करते हुए रक्षाबंधन को यादगार बना दिया।

बालिकाओं ने प्रस्तुत किए गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने गीत, कविताओं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से रक्षाबंधन के महत्व को उजागर किया। उनकी मधुर आवाज और शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं सभी दर्शकों का मन मोह लिया।

बालिकाओं में कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। उनकी प्रस्तुतियों ने समारोह के वातावरण को खुशी और उमंग से भर दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बालिकाओं से बंधवाई राखी

इस अवसर पर सांगानेर एसीपी दीपक खंडेलवाल तथा जगतपुरा थाना अधिकारी अनिल कुमार टेलर संस्थान पहुंचे। बालिकाओं ने पुलिस अधिकारियों को राखी बांधी और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

पुलिस अधिकारियों ने भी बालिकाओं को स्नेह एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस आत्मीय मुलाकात ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।

संस्थान के प्रयासों की सराहना

कार्यक्रम में संस्थान की संस्थापिका रेनू शर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उपस्थित अतिथियों ने दृष्टिबाधित बालिकाओं के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे शिक्षण, सेवा एवं पुनर्वास कार्यों की सराहना की।

रेनू शर्मा ने शिक्षकों एवं स्टाफ के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना ही संस्थान के प्रयासों की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

आत्मविश्वास और उम्मीद का संदेश

रक्षाबंधन का यह आयोजन केवल एक पर्व का उत्सव नहीं रहा, बल्कि इसने स्नेह, सम्मान, आत्मविश्वास और समावेशिता का संदेश भी दिया। दृष्टिबाधित बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से यह दिखाया कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, सपनों और उम्मीदों की उड़ान को रोका नहीं जा सकता।

दिव्य ज्योति दृष्टिबाधित कन्या शिक्षण संस्थान एवं पुनर्वास केंद्र बालिकाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे आयोजन बालिकाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ समाज से जुड़ने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।